Exclusive : DHFL में ग्राम विकास बैंक कार्मिकों के भी 21 करोड़ रुपये डूबे

0
240

दीवान हाउसिंग फाइनेंस लि. में सिर्फ यूपीपीसीएल और यूपी सिडको ही नहीं बल्कि राज्य सरकार के अन्य निगमों और उपक्रमों की भी मोटी धनराशि फंसी है। नया मामला उ.प्र. सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड का सामने आया है। यहां के कार्मिकों के भविष्य निधि का 21 करोड़ रुपया भी डीएचएफएल में फंस गया है। बैंक प्रबंधन ने इसकी सूचना सरकार को भेज दी है।

सहकारी ग्राम विकास बैंक कार्मिकों की पीएफ धनराशि डीएचएफएल में जमा होने की सूचना के बाद से सहकारिता विभाग में हड़कंप मचा है। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक बैंक कार्मिकों की भविष्य निधि धनराशि में से करीब 21 करोड़ रुपये डीएचएफएल के सिक्योर्ड बांड में जमा किए गए हैं। यूपीपीसीएल व सिडको की तरह यह धनराशि भी फंस गई है। बिजली विभाग की तरह यहां भी वर्ष 2016-17 से ही डीएचएफएल में निवेश का फैसला ले लिया गया था। तभी से डीएचएफएल में भी कर्मचारियों के पीएफ धनराशि का एक हिस्सा सिक्योर्ड फंड के रूप में जमा किया जाता रहा है।

इस बाबत पूछे जाने पर बैंक के प्रबंध निदेशक आंद्रा वामसी ने कहा कि बैंक में ईपीएफ ट्रस्ट कर्मचारियों का ही है। कर्मचारी ही इस ट्रस्ट को संचालित करते हैं। धनराशि कहां जमा की जानी है यह फैसला ट्रस्ट ही लेता है।

रिपोर्ट शासन को भेजी
बिजली विभाग का मामला संज्ञान में आने के बाद शासन ने प्रदेश सरकार के सभी निगमों और संस्थाओं से भविष्य निधि कहां जमा की जा रही है इसकी विस्तृत सूचना मांगी थी। बैंक प्रबंधन ने डीएचएफएल में धनराशि जमा किए जाने की सूचना शासन को भेजी है। वित्त विभाग के स्तर से भी सभी निगमों और संस्थाओं से पीएफ धनराशि कहां जमा किए जा रहे हैं इसकी आडिट कराई जा रही है।

आर्थिक रूप से टूट चुका है ग्राम विकास बैंक
सहकारिता विभाग द्वारा संचालित सहकारी ग्राम विकास बैंक आर्थिक संकटों को लेकर पहले से ही जूझ रहा है। यहां के 1300 कार्मिकों को दूसरे बैकों में समायोजित करने और निकालने की बातें चल रही हैं। स्थिति यह है कि बैंक की वार्षिक आय महज 90 करोड़ रुपये है जबकि खर्चे 183 करोड़ रुपये हैं। नाबार्ड से भारी भरकम कर्ज लेकर बैंक जैसे-तैसे चल रहा है।

सहकारी ग्राम विकास बैंक के कार्मिकों के पीएफ धनराशि के 293 करोड़ में से महज 21 करोड़ ही डीएचएफएल में जमा हैं। मुंबई हाईकोर्ट में बैंक की तरफ से पैरवी के लिए अधिवक्ता को लगाया गया है। सहकारिता के अन्य किसी भी बैंक या संस्थान से कोई पैसा डीएचएफएल में जमा नहीं है

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here